सास ससुर ने बहु को आत्म करने पर किया मजबूर

वाराणसी। अपर सत्र न्यायाधीश(द्वादश) बाबूराम की अदालत ने बहु को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में चोलापुर नेहिया निवासी अभियुक्त ससुर शोभा पाल व सास रानी उर्फ रीना को दोषी पाते हुए 10 वर्ष की कड़ी कैद और 16 हजार जुर्माने की सजा गुरुवार को सुनाई।एडीजीसी रूप नरायन प्रजापति के मुताबिक वादी कैलाश पाल चोलापुर मरुही निवासी की पुत्री रीता की शादी नेहिया चोलापुर निवासी भोनू।पाल के साथ 19 मई 2005 को हुई थी। आरोप है कि शादी के बाद से ससुराल वाले दहेज में मोटरसाइकिल, रंगीन टीवी व 50 हजार रुपए की मांग को लेकर आयेदिन रीता देवी को प्रताड़ित करते थे। आयेदिन की प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर रीता के पिता कैलाश ने ससुराल वालों के खिलाफ एक परिवाद अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दर्ज कराया था। जिसमें अदालत ने ससुर शोभा पाल, सास रीना पाल व पति भोनू पाल को विभिन्न धाराओं में तलब किया था। न्यायालय में मुकदमे की सुनवाई के दौरान बिरादरी व रिश्तेदारों के समझाने पर कैलाश ने अपनी पुत्री रीता को पुनः उसके ससुराल भेज दिया। इस बीच 2 मई 2013 को रीता का शव गंगापुर रेलवे लाइन के किनारे के समीप एक पेड़ से लटकता मिला। गांव वालों की सूचना पर मृतका के पिता मौके पर पहुंचे और दहेज के लिए बेटी की हत्या कर शव बगीचे में लटकाने का ससुराल वालों पर आरोप लगाते हुए चोलापुर थाने में सास, ससुर व पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में पति की पत्रावली अलग होने के चलते उसके मामले में अभी सुनवाई नहीं हो सकी है, जबकि सास व ससुर को अदालत ने दोषी पाते हुए सजा सुना दी।