एक करोड़ पीपल के वृक्ष लगाने का संकल्प

साहित्यकारों ने पर्यावरण के प्रति प्रकट की सद्भावना

अपने संगठन उद्गार के सहयोग से लगाएंगे एक करोड़ पीपल

वाराणसी। कई वर्षों से लगातार साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक सेवा के लिए सक्रिय ‘उद्गार’ संगठन की 46 वीं मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन शिवपुर थाना अंतर्गत भोजूबीर के स्याही प्रकाशन सभागार में संपन्न हुआ। सभा में कई जनपद से आए कवियों व साहित्यकारों ने अपनी-अपनी रचनाओं का पाठ किया।
हर गोष्ठी से यह गोष्ठी कुछ अलग इसलिए थी कि इस गोष्ठी में संस्था के संस्थापक, कवि व साहित्यकार छतिश द्विवेदी ‘कुंठित’ ने अपने जीवन में व साहित्यकारों के सहयोग से एक करोड़ पीपल के वृक्ष लगाने व लगवाने का संकल्प लिया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि ‘भारत में लगभग साढेसात से आठ लाख गांव हैं और कुल चार हजार बाजार व शहर हैं। गाँव, बाजार और शहर के अनुपात में दो और चार वृक्ष लगवाने का व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
एक करोड़ वृक्ष लगवाने की एक व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। उन्होंने आगे कहा कि मैं जीवन की सार्थकता की खोज करते रहता हूं और मुझे अन्य समस्त कार्यों में जीवन की उतनी सार्थकता नहीं मालूम हुई जितनी कि वृक्षारोपण में। मैंने जीवन की सार्थकता व समाज की सेवा के लिए पत्र-पत्रिकाओं के प्रकाशन के साथ-साथ उद्गार संगठन की स्थापना की। ताकि हम अपने श्रेष्ठतम भावनाओं की अनुपम कृतियां समाज को इसकी बेहतरी व इसकी नैतिक सेवा के लिए इसको दे सकें। लेकिन संतुष्टि नहीं हुई। हमेशा लगता रहा कि अभी कुछ और, कुछ और बेहतर देने की जरूरत है।
इसी सार्थकता की खोज में एक दिन मेरी मंशा हुई कि इस विश्व के प्रत्येक प्राणी की हर तरह की सर्वोत्तम सेवा बिना किसी द्वंद के पौधरोपण से कर सकता हूँ। उसमें भी पीपल जैसा वृक्ष जो भारत में लगभग संकुचित भाव से लगाया जाता है, को और अधिक बढ़ावा देना ज्यादा ठीक रहेगा। क्योंकि समूचे विश्व के लिए सबसे मंगलकारी वृक्ष पीपल ही है। वह सर्वकालिक ऑक्सीजन प्रदाता है। इसलिए मैंने बहुत अध्ययन व तमाम आंकड़ों के संकलन के बाद पाया कि पीपल का वृक्ष लगाना और इसकी एक करोड़ की संख्या लगवाना इस विश्व की सबसे बड़ी सेवा होगी। आज हमारे समाज में यहां तक कि दिल्ली जैसी राजधानी में भी ऑक्सीजन बार ओपन होने लगे हैं।
ऐसे में पीपल के पौधे को प्रोत्साहन देना व उसके करोड़ों वृक्ष इस विश्व को देना इस विश्व की सबसे सच्ची सेवा होगी।
मैं आज साहित्यकारों के इस सभा में अपने साथी कंचन सिंह परिहार व योगेंद्र नारायण चतुर्वेदी वियोगी एवं अन्य साथीजनों और कवि-साहित्यकारजनों के सानिध्य में यह संकल्प ले रहा हूं कि अपने जीवन में एक करोड़ पीपल का पौधा लगाकर इस विश्व की सेवा में अपने धर्म का निर्वाह करूंगा। मेरी दृष्टि में अब तक सभी कर्मों से अधिक श्रेष्ठ व सार्थक कर्म यही है।
उपर्युक्त साहित्यिक कार्यक्रम में हर बार की तरह इस बार भी काशी के साथ ही साथ अन्य निकट के जनपदों के अनेक साहित्यकार व कवि शामिल हुए। राजकीय पुस्तकालय वाराणसी के पुस्तकालयाध्यक्ष एवं डूडा के उपायुक्त कंचन सिंह परिहार, जिला प्रशिक्षण अधिकारी दीनानाथ द्विवेदी रंग, उद्गार संस्था के संस्थापक छतिश द्विवेदी कुंठित, व रजनी अग्रवाल के आतिथ्य में संपन्न हुए कार्यक्रम का संचालन बुजुर्ग कवि योगेंद्र नारायण चतुर्वेदी यिोगी ने किया। कार्यक्रम में जिन कवियों ने प्रतिभाग किया उन में हर्ष वर्द्धन ममगाई, डॉ0 लियाकत अली, प्रसन्नबदन चतुर्वेदी, संतोष कुमार श्रीवास्तव प्रीत, सन्ध्या श्रीवास्तव, शिब्बी ममगाई, बैजनाथ श्रीवास्तव, सूर्य प्रकाश मिश्रा, सिद्धनाथ शर्मा, मुनीन्द्र पांडेय, जयप्रकाश मिश्र, धानापूरी, राजेन्द्र पथिक, दीपक शर्मा, डा. नसीमा निशा, माधुरी मिश्रा, आकाश उपाध्याय ‘शब्दाकाश’, अशोक सिंह, अनुराग मिश्र, चन्द्र प्रकाश सिंह, शैलेश मिश्रा, अभिषेक सिंह, अभिषेक उपाध्याय, तरुण कुमार राय, अभिषेक श्रीवास्तव, संदीप सिंह, खुशबू पटेल, सत्यम मिश्रा आदि रहे।
सभा का धन्यवाद एवं स्वागत कार्यक्रम हर्षवर्धन मंगाई के हाथों में था। उन्होंने ही आए हुए अतिथियों का स्वागत किया तथा आभार जताया।

उदगार साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठन अब तक अनेकों सामाजिक कल्याण के कार्यक्रम को संचालित करता रहा है और यह वृक्षारोपण संकल्प, खासकर पीपल वृक्ष लगाने का यह कार्य उसके संस्थापक व उसके द्वारा संचालित किया जाएगा तो यह कार्य इस दुनिया के लिए आज के पर्यावरण के खतरे से बचाने वाला योग्य कार्य सिद्ध होगा। साथ ही इस कार्य को दुनिया युगों तक याद करती रहेगी।
आगे लोगों को बताना है की एक करोड़ पीपल के पौधे लगवाने में एक बड़ी योजना का सहारा लिया जा रहा है। जिसमें संस्थापक व सामाजिक संस्थाओं का सहयोग तो रहेगा ही साथ ही विश्व भर में वालंटियर की नियुक्ति की जाएगी। अलग-अलग क्षेत्रों में वृक्षारोपण को खासकर पीपल के वृक्ष को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए विधिवत यूट्यूब चैनल और वेबसाइट का निर्माण किया जा रहा है।
साथ ही आने वाले समय में इस अभियान को और तेजी से बढ़ाया जाएगा और इसको डिजिटल किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए उद्गार संगठन का दिया गया मोबाइल नंबर 9161 09018 है। यह फोन क्रमांक जानकारी व पौधों की माँग के लिए लोगों को उपलब्ध कराया गया है। इस नंबर पर विश्व के प्रत्येक क्षेत्र से पीपल के पौधे लगवाने व मंगवाने वालों की चाहत रखने वाले लोग संपर्क कर जानकारी व पौधा प्राप्त कर सकते हैं।
संगठन के मुताबिक यह बहुत बड़ा यज्ञ कार्य बिना जनसमर्थन मुहिम के नहीं सफल हो सकता । संगठन ने अपने इस कार्यक्रम को ‘लव यू दुनिया’ नाम दिया है और इसे एक मुहिम नहीं एक संकल्प बता रहा है।
उद्गार संगठन की सभा में विधिवत शपथ पत्र भरकर सभी सदस्यों ने एक दूसरे को साक्षी मानकर ‘लव यू दुनिया’ के लिए स्वयं को प्रतिबद्ध बताया। दुनिया में कहीं से भी पीपल के पौधे व वृक्षारोपण के लिए जानकारी दानों की मांग की जा सकती है। अगर उस समय पौधा उपलब्ध नहीं रहा तो माँग दर्ज कर आगे के समय में संबंधित नर्सरी से या निकटतम नर्सरी से बात कर वहां पीपल का पौधा उपलब्ध कराने का उचित प्रबंध किया जाएगा। इसके लिए संस्था एक व्यापक कार्य योजना बनाई है और इस विश्वकल्याण में अपनी महती भूमिका निभाएगी।

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